ताकत बिल्कुल नहीं बची थी, कहाँ से शुरू करूं समझ नहीं आ रहा था।
आटा गूंधते हुए हाथ कांपने लगते थे, सोचा कहीं तो पकड़कर करना होगा।
रसोई के काउंटर को दोनों हाथों से पकड़कर एड़ी उठाने लगी, बस 10 बार, दिन में 2 बार।
3 हफ्ते हुए हैं अब तक। कल पहली बार आटे का पूरा डिब्बा एक हाथ से उठा पाई, पहले दोनों हाथ लगते थे।
रोज़ नहीं हो पाता, कभी 1 दिन भी छूट जाता है। पता नहीं ये सही तरीका है भी या नहीं, पर छोड़ी नहीं है अब तक।
आप लोगों ने भी किसी ऐसी छोटी चीज़ से शुरू किया था क्या
