पूरा दिन घर से काम करते-करते बस बैठे रहना होता है।
कल शाम कुर्सी से उठी तो पैर बिल्कुल अकड़े हुए लगे।
तो आज से एक छोटी आदत शुरू की।
हर 2 घंटे में 5 मिनट का ब्रेक लेकर थोड़ा doodle बनाना।

टाइम याद रहे इसलिए फोन में अलार्म लगा दिया है –
सुबह 10 बजे, दोपहर 1 बजे, शाम 4 बजे।
पहले दिन बस 3 बार उठी। उतने में भी फ़र्क लगा!
[शरीर के साथ मन भी थोड़ा हल्का हो जाता है]
3 दिन से यही चल रहा है, अभी तक टूटा नहीं है।
काम का प्रेशर तो जैसा था वैसा ही है, बस इस छोटी आदत से बीच-बीच में सांस लेने जैसा लगता है।
