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[किया] चाय बनाते समय टखने घुमाना शुरू किया

काम बिल्कुल ना हो तब भी शरीर में कोई ताकत नहीं बचती, अजीब है ना।
मेरा फ्रीलांस का काम है, कभी दिन-रात व्यस्त रहती हूं तो कभी हफ्तों कुछ नहीं होता।
इन दिनों काम बहुत कम है, समय तो खूब है, फिर भी उठकर कुछ करने का मन ही नहीं करता।
त्वचा तो अभी शांत है, पर हाथ-पैर में जैसे जान ही नहीं है।

सोचा कहीं से तो शुरुआत करूं, तो चाय बनाते वक्त गैस पर केतली रखकर उतनी देर खड़े-खड़े टखने घुमाना शुरू किया।
केतली को उबलने में करीब 4 मिनट लगते हैं, बस उतनी ही देर।
सच कहूं तो इस हफ्ते 7 में से सिर्फ 2 दिन याद रहा, बाकी दिन भूल गई या आलस आ गया।

हिसाब की कॉपी रोज़ भरने की आदत तो बन गई है, पर ये कसरत वाली बात बार-बार छूट जाती है।
बहुत भारी वाली कसरत करने का साहस अभी नहीं है, बस कुछ ऐसा चाहिए जो रोज़ आराम से हो सके।
इतनी छोटी सी चीज़ से सच में कुछ फर्क पड़ता है क्या।
आप लोगों ने जब बिल्कुल ताकत नहीं थी तब कहां से शुरुआत की थी, और असर दिखने में कितना समय लगा।

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