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[किया] रोटी के टाइमर तक एक पैर पर खड़ा रहना शुरू किया

रोटी ओवन में जाते ही टाइमर लगाती हूं, और जब तक टाइमर बजे तब तक एक पैर पर खड़े रहने की कोशिश करती हूं।

शुरू में तो यह बहुत अजीब लगा, हाथ दीवार पर टिकाना पड़ता था, वरना गिरने जैसा लगता था।

फ्रीलांस का काम कभी बहुत आ जाता है कभी बिल्कुल नहीं, तो जिम या रेगुलर एक्सरसाइज़ का रूटीन बनाना मेरे लिए मुश्किल ही रहा है।

डॉक्टर ने बस इतना कहा था कि पैरों और कमर की मसल्स कमज़ोर हो गई हैं, धीरे-धीरे बढ़ानी होंगी।

तो सोचा जो रोज़ करती ही हूं उसी के साथ कुछ जोड़ दूं, रोटी बनाना तो रोज़ का काम है ही।

पहले कुछ दिन तो पूरा टाइम हाथ दीवार पर ही रहा।

Healthy spider plant with arching green leaves edged in creamy white variegation, displayed in a wov

अब धीरे-धीरे हाथ हटाकर भी थोड़ी देर खड़ी हो पाती हूं, गिरती भी उतना नहीं अब।

हिसाब की कॉपी फिर से लिखना शुरू किया है इन दिनों, उसी में एक कोने में यह भी लिख देती हूं कि आज कौन सा पैर ज़्यादा कमज़ोर लगा, तो दोनों तरफ का फर्क भी दिख जाता है।

कुछ बड़ा प्लान नहीं बनाया, बस रोज़ के काम में से एक जगह चुन ली जहां शरीर पर थोड़ा ध्यान जा सके।

कमेंट 9

  • खुशबू09.23

    बर्तन धोते वक्त मैं भी यही करती हूं, दीवार का सहारा अब भी कभी कभी लेना पड़ता है

  • चाँदनी रात09.23

    पैर की मसल्स कमज़ोर होने वाली बात पढ़कर लगा, मुझे भी दीवार का सहारा लेना पड़ता है अभी तक

  • गुनगुन09.23

    दुकान पर पूरे दिन बैठे रहने से पीठ और पैर दोनों की हालत खराब हो गई थी, डॉक्टर ने भी यही कहा था कि मसल्स कमज़ोर पड़ गई हैं। मैंने भी कुछ ऐसा ही शुरू किया, शाम को दुकान बंद करते वक्त शटर गिराने से पहले थोड़ी देर एक पैर पर खड़े होकर गिनती करती थी, पहले हाथ काउंटर पर टिकाना पड़ता था वरना लड़खड़ा जाती थी। धीरे धीरे हफ्तों में सहारे की ज़रूरत कम होती गई, अब पूरा नहीं तो आधा वक्त बिना सहारे निकल ही जाता

  • खुशबू09.23

    हिसाब की कॉपी में लिखने का आइडिया अच्छा लगा! कितने दिन से यह कर रही हैं आप?

  • खुशबू09.23

    रोटी के टाइमर वाला आइडिया पढ़कर सच में शुक्रिया कहने का मन हुआ। रोज़ के काम में से ही निकाल लेना, यह मुझे भी अपनाना चाहिए ऐसा लगा

  • चंदा09.23

    दिनभर बैठने से कमर की मसल्स भी कमज़ोर हुई थी जी

  • खुशबू09.23

    रोज़ के काम के साथ जोड़ने का यह तरीका अच्छा लगा, कॉपी में लिख के रखने का ख्याल भी बहुत बढ़िया है। मैं भी अपनी लिस्ट में [यह वाला] जोड़ लूंगी।

  • खुशबू09.23

    यह रूटीन कब से चला रही हैं, कमर की मसल्स में फ़र्क महसूस होने लगा है क्या अब तक

  • → खुशबूमुस्कानलेखक09.23

    यह अभी हाल ही में शुरू किया है जी, तो कमर की मसल्स में कोई खास फ़र्क तो नहीं लगा अब तक। बस दीवार से हाथ हटाकर थोड़ी देर टिके रहने लगी हूं, काम के उतार-चढ़ाव के बीच यही एक चीज़ है जो रोज़ बिना नागा हो जाती है।

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