आजकल सुबह उठते ही थकान लगती है, हाथ-पैर में जैसे जान ही नहीं बचती।
फ्रीलांस का काम है तो कभी लगातार कई दिन रात तक बैठे रहना पड़ता है, कभी हफ्तों कुछ नहीं आता, तब समझ नहीं आता शरीर को कैसे संभालूं।
घर में रोटी बनाते वक्त भी हाथ जल्दी थक जाते हैं, पहले ऐसा नहीं था।
2 महीने से हिसाब की कॉपी फिर से लिखनी शुरू की है, सोचा था इससे थोड़ा नियम में आ जाऊंगी, पर शरीर की तरफ ध्यान देने का हिम्मत ही नहीं जुट पा रहा।
कल रात बस थोड़ी देर खड़े होकर हल्का हाथ हिलाया, उतने में ही सांस फूल गई!
थोड़ा लंबा लिख दिया, माफ़ी चाहती हूँ।
बहुत हल्का, बहुत छोटा कुछ चाहिए जिससे शुरुआत हो सके, जैसे बैठे-बैठे या काम के बीच में हो जाए, आप लोगों ने जब बिलकुल ताकत नहीं थी, तब सबसे पहला कदम क्या उठाया था?
